आँखों में इतिहास का समंदर,An ocean of history in my eyes,
मेरी दास्तां किसी किताब में नहीं, बल्कि मेरे चेहरे पर लिखी हुई है। अब जब मैं अपने हाथों में घड़ी पहनती हूँ और वक्त को देखती हूँ, तो मुझे अहसास होता है कि ये वक्त मेरे लिए कोई दुश्मन नहीं, बल्कि मेरे अनुभवों का साथी है। वक्त के साथ चलते-चलते अब मैं खुद वक्त का एक हिस्सा बन गई हूँ, और ये अहसास मुझे सुकून देता है। मैंने रिश्तों को निभाया, परिवार को संभाला, और हर मुश्किल वक्त में खुद को संभालने का हौसला दिया।और अब ये ढलती उम्र। जीवन ने मुझे न जाने कितने सबक सिखाए हैं। हर दौर में खुद को नए सिरे से संभाला, चाहे हालात कैसे भी रहे हों। मैं इतिहास की उन लकीरों में नहीं, जो युद्ध या विजय की कहानियाँ कहती हैं। मैं तो उस अनकहे, अनसुने हिस्से में हूँ, जो हर घर, हर रिश्ते में गहराई से बसी है। हे मेरे अपने , हमने तुम्हारे लिए एक दुनिया बनाई है, जिसमें सुख भी है और कुछ अनसुलझे सवाल भी। तुम्हारे पास हमारी मेहनत का नतीजा है, पर तुमसे उम्मीद है कि तुम इसे और बेहतर बनाओगे। तुम्हारे समय में तकनीक की रफ्तार और भी तेज़ होगी, संभावनाएँ अनगिनत, और चुनौतियाँ गहरी होंगी। पर याद रखना कि इंसानियत की बुनियाद कभी नह...